सरकार युवाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए लाखों रुपए का लोन देने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है। देश भर में कई युवा यह शिकायत कर रहे हैं कि सारे कागजात पूरे करने और महीनों इंतजार करने के बाद भी उन्हें सिर्फ एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस के चक्कर काटने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाओं में ₹10 लाख तक का लोन बिना गारंटी के मिलने का वादा है, लेकिन असलियत में युवाओं को हर कदम पर रोका जा रहा है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि योजना में क्या दिक्कतें आ रही हैं और युवाओं के साथ क्या हो रहा है।
सारे डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद भी अटका लोन
कई युवाओं का कहना है कि उन्होंने बिजनेस प्लान, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, एड्रेस प्रूफ और जो भी कागजात मांगे गए थे, सब कुछ जमा कर दिया। बैंक ने भी उनका फॉर्म एक्सेप्ट कर लिया और कहा कि 30 से 45 दिनों में लोन अप्रूव हो जाएगा। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। जब युवा बैंक जाते हैं तो कभी कहा जाता है कि फाइल ऊपर गई है, कभी कहा जाता है कि थोड़ा इंतजार करो। कुछ युवाओं को तो यह भी कहा गया कि आपका बिजनेस आइडिया सही नहीं है, जबकि शुरुआत में किसी ने कोई आपत्ति नहीं की थी। यह सब सुनकर युवाओं का हौसला टूट जाता है और वे सोचते हैं कि शायद यह योजना सिर्फ कागजों में ही अच्छी है।
बैंक और अधिकारी क्यों कर रहे हैं परेशान
कुछ युवाओं का आरोप है कि बैंक अधिकारी जानबूझकर फाइलें रोक रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अगर लोन डिफॉल्ट हो गया तो उन पर सवाल उठेंगे। कई बैंक मैनेजर खुलकर कहते हैं कि सरकारी योजना में तो लोन देना पड़ता है, लेकिन हमारा टारगेट और रिकवरी का झंझट अलग है। इसलिए वे छोटी-छोटी बातों में कमी निकालते हैं और युवाओं को वापस भेज देते हैं। कभी कहा जाता है कि आपकी उम्र कम है, कभी कहा जाता है कि आपके पास अनुभव नहीं है, कभी कहा जाता है कि आपका क्रेडिट स्कोर कम है। इतने सारे बहाने सुनकर युवा थक जाते हैं और अपना सपना अधूरा छोड़ देते हैं।
असली योजना या सिर्फ दिखावा
सरकार हर साल करोड़ों रुपए इन योजनाओं के लिए बजट में रखती है, लेकिन जमीनी स्तर पर पैसा युवाओं तक पहुंच नहीं रहा। कई बार तो ऐसा होता है कि जिन युवाओं के पास पहले से पैसा है या जिनकी बैंक में अच्छी पहचान है, उन्हें तो आसानी से लोन मिल जाता है। लेकिन जो सच में गरीब हैं और जिन्हें इस योजना की जरूरत है, उन्हें हर जगह धक्के खाने पड़ते हैं। अब युवाओं की मांग है कि सरकार सिर्फ योजना बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि बैंकों पर सख्ती करे और जो भी कागजात पूरे हो जाएं, उस पर समय पर लोन दिया जाए।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। हर युवा की स्थिति अलग हो सकती है। किसी भी सरकारी योजना की सही जानकारी के लिए आधिकारिक बैंक या वेबसाइट से संपर्क करें।