अगर आप गांव में रहते हैं और कच्चे घर या झोपड़ी में अपना जीवन बिता रहे हैं तो Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin यानी PMAY-G आपके लिए पक्का मकान बनाने का सबसे बड़ा मौका है। इस योजना में सरकार मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी इलाकों में ₹1.30 लाख की मदद देती है जो सीधे आपके बैंक खाते में तीन किस्तों में आती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अप्रैल 2016 को इस योजना को शुरू किया था और अब तक 2.80 करोड़ से ज्यादा पक्के मकान बनाए जा चुके हैं। साथ में शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन, बिजली के लिए सौभाग्य योजना और गैस कनेक्शन के लिए उज्ज्वला योजना का भी फायदा मिलता है। 2024 में योजना को और दो साल के लिए बढ़ा दिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा गरीब परिवारों को पक्का घर मिल सके।
कितना पैसा मिलता है और कैसे आता है
मैदानी इलाकों में रहने वालों को ₹1.20 लाख और पहाड़ी इलाकों, दुर्गम इलाकों या आईएपी जिलों में रहने वालों को ₹1.30 लाख की मदद मिलती है। यह पैसा तीन किस्तों में आता है – पहली किस्त नींव बनते समय, दूसरी किस्त छत तक काम होने पर और तीसरी किस्त घर पूरा होने पर मिलती है।
पैसा सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी के जरिए आता है जिससे बीच में कोई दलाल या भ्रष्टाचार नहीं होता। घर का साइज कम से कम 25 स्क्वायर मीटर यानी 269 स्क्वायर फुट का होना चाहिए जिसमें रसोई भी शामिल है। साथ में स्वच्छ भारत मिशन से ₹12000 शौचालय के लिए, मनरेगा से 90 या 95 दिन की मजदूरी और उज्ज्वला से मुफ्त गैस कनेक्शन भी मिलता है।
कौन ले सकता है इस योजना का फायदा – पूरी पात्रता
आपके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। आप एसईसीसी 2011 डेटा में होने चाहिए या फिर 2024 के नए सर्वे में शामिल होने चाहिए। परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और न ही कोई आयकर दाता होना चाहिए।
16 से 59 साल का कोई वयस्क सदस्य परिवार में नहीं होना चाहिए या फिर परिवार में सिर्फ महिला मुखिया हो और कोई वयस्क पुरुष न हो। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विकलांग सदस्य वाले परिवार, भूमिहीन परिवार, दिहाड़ी मजदूर और बेघर परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आपने पहले किसी सरकारी आवास योजना का लाभ लिया है तो आप इसके लिए पात्र नहीं हैं।
कैसे करें आवेदन – पूरी प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप
PMAY-G में सीधा ऑनलाइन आवेदन नहीं होता बल्कि आपको अपने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव या कॉमन सर्विस सेंटर के पास जाना होता है। अपने साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता पासबुक, आय प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड और मोबाइल नंबर ले जाएं। ग्राम प्रधान आपका फॉर्म भरेंगे और pmayg.nic.in की वेबसाइट पर लॉगिन करके आपका डेटा एंट्री करेंगे।
इसके बाद ब्लॉक और जिला स्तर पर आपके दस्तावेजों की जांच होगी और एसईसीसी डेटा से मिलान किया जाएगा। अगर सब कुछ सही पाया गया तो आपका नाम लाभार्थी सूची में आ जाएगा। लिस्ट चेक करने के लिए pmayg.nic.in पर जाएं, ऊपर मेनू में Awassoft पर क्लिक करें, फिर Report में जाकर अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें। आपके गांव की पूरी लिस्ट खुल जाएगी जिसमें आप अपना नाम देख सकते हैं।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए दी गई है। योजना के नियम और राशि में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं। आवेदन से पहले pmayg.nic.in या अपने ग्राम प्रधान से नवीनतम जानकारी जरूर लें।