PM Fasal Bima Yojana: अगर आप किसान हैं और प्राकृतिक आपदाओं से फसल बर्बाद होने का डर रहता है तो यह योजना आपके लिए जीवनरक्षक है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2016 से चल रही है और अब तक 36 करोड़ किसानों को ₹1.8 लाख करोड़ का मुआवजा मिल चुका है। सरकार ने इस योजना को 2025-26 तक बढ़ा दिया है और ₹69,515 करोड़ का बजट रखा है। खरीफ फसलों के लिए सिर्फ 2 प्रतिशत और रबी के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है बाकी सरकार भरती है। बुआई से लेकर कटाई के 14 दिन बाद तक का नुकसान कवर होता है।
कितना देना होगा प्रीमियम
खरीफ यानी बरसाती फसलों के लिए बीमित राशि का सिर्फ 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। रबी यानी सर्दी की फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम है। वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम होता है। बाकी का पूरा प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती है। मान लीजिए अगर आपकी फसल का बीमा ₹50,000 का है तो खरीफ में सिर्फ ₹1,000 प्रीमियम देना होगा। यह बहुत कम राशि है जो किसी भी तरह के नुकसान से बचाती है।
कौन सी फसलें कवर होती हैं
सभी खाद्यान्न फसलें जैसे धान, गेहूं, बाजरा, मक्का कवर होती हैं। तिलहन फसलें जैसे सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी शामिल हैं। दालें जैसे अरहर, मूंग, उड़द, चना बीमा में आती हैं। वाणिज्यिक फसलें जैसे कपास, गन्ना, जूट भी कवर होती हैं। बागवानी फसलें जैसे आम, केला, अंगूर पायलट आधार पर कुछ क्षेत्रों में शामिल हैं। हर राज्य अपनी अधिसूचित फसलों की सूची जारी करता है जो pmfby.gov.in पर देख सकते हैं।
क्या-क्या नुकसान कवर होता है
बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाएं पूरी तरह कवर हैं। कीट और रोग से फसल खराब होने पर मुआवजा मिलता है। बिजली गिरने से नुकसान भी कवर है। कटाई के बाद 14 दिन तक बेमौसम बारिश से खेत में पड़ी फसल खराब हो तो मुआवजा मिलेगा। स्थानीय आपदा जैसे ओलावृष्टि या भूस्खलन भी शामिल है। युद्ध या दंगे से होने वाला नुकसान कवर नहीं होता। चोरी या जानवरों द्वारा खाई गई फसल भी बीमा में नहीं आती।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
pmfby.gov.in वेबसाइट पर जाएं और अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। नया रजिस्ट्रेशन करें और अपना मोबाइल नंबर, आधार नंबर डालें। ओटीपी से वेरिफाई करें और लॉगिन करें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का विवरण, फसल का नाम भरें। बैंक खाता विवरण डालें जो आधार से लिंक हो। बुआई प्रमाण पत्र, जमीन के कागजात अपलोड करें। प्रीमियम की राशि दिखेगी जो ऑनलाइन या बैंक में जमा कर सकते हैं। सबमिट करने के बाद एप्लीकेशन नंबर नोट कर लें। खरीफ के लिए आखिरी तारीख आमतौर पर 31 जुलाई और रबी के लिए 31 दिसंबर होती है।
बैंक या जन सेवा केंद्र से आवेदन
अगर लोन लेकर खेती कर रहे हैं तो अपने बैंक में जाएं जहां से किसान क्रेडिट कार्ड या फसल ऋण लिया है। वहां फसल बीमा योजना का फॉर्म मांगें और भरें। सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करें और बैंक में जमा करें। बैंक प्रीमियम काट लेगा और आपको रसीद देगा। अगर लोन नहीं है तो नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं। वहां ऑपरेटर पूरी प्रक्रिया में मदद करेगा। आप बीमा कंपनी के एजेंट से भी संपर्क कर सकते हैं।
क्लेम कैसे करें
फसल खराब होने के 72 घंटे के अंदर सूचना देना जरूरी है। टोल फ्री नंबर 18001801551 पर कॉल करें या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर क्लेम दर्ज करें। बीमा कंपनी का अधिकारी खेत का निरीक्षण करेगा। क्षेत्र की औसत उपज और वास्तविक उपज की तुलना की जाएगी। अगर नुकसान सीमा से ज्यादा है तो मुआवजा मिलेगा। राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी से आएगी। स्टेटस pmfby.gov.in पर अपना एप्लीकेशन नंबर डालकर चेक कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड जो बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक हो। बैंक खाता पासबुक की फोटोकॉपी। जमीन के कागजात जैसे खसरा-खतौनी या आरओआर। बुआई प्रमाण पत्र जो पटवारी, सरपंच या ग्राम प्रधान से साइन हो। किसान क्रेडिट कार्ड या फसल ऋण की डिटेल अगर लोन ली है तो। पिछले साल की फसल बीमा की रसीद अगर नवीनीकरण कर रहे हैं। मोबाइल नंबर जो सक्रिय हो ताकि अपडेट मिलते रहें।
नई शिकायत निवारण प्रणाली
सरकार ने कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन यानी केआरपीएच लॉन्च किया है। इस पर किसान अपनी शिकायत सीधे दर्ज कर सकते हैं। शिकायत नंबर 01123381092 पर भी कॉल कर सकते हैं। क्रॉप इंश्योरेंस मोबाइल ऐप में भी शिकायत का विकल्प है। हर शिकायत को समय सीमा में सुलझाने की व्यवस्था है। यह पारदर्शिता बढ़ाने और समय पर क्लेम सेटलमेंट के लिए शुरू किया गया है। किसान वेबसाइट पर अपनी शिकायत का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं।
योजना का प्रभाव
2016 से अब तक 36 करोड़ किसानों को बीमा कवर मिल चुका है। ₹1.8 लाख करोड़ का मुआवजा बांटा जा चुका है। पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में बाढ़ से प्रभावित किसानों को तुरंत मदद मिली। किसानों की आत्महत्या दर में कमी आई है क्योंकि आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। बैंक आसानी से फसल ऋण दे रहे हैं क्योंकि जोखिम कम हो गया। किसान अब नई तकनीक और बेहतर बीज इस्तेमाल करने को तैयार हैं। सरकार घर घर मित्र अभियान चला रही है ताकि हर किसान तक यह योजना पहुंचे।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2025-26 तक बढ़ाई गई है। खरीफ 2025 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 है। रबी के लिए आमतौर पर 31 दिसंबर होती है। आवेदन pmfby.gov.in पर करें या नजदीकी बैंक या जन सेवा केंद्र से संपर्क करें। ताजा जानकारी के लिए हेल्पलाइन 18001801551 पर कॉल करें।