National Overseas Scholarship For ST Students: विदेश में पढ़ाई के लिए USD 15,400 सालाना + फ्री ट्यूशन

National Overseas Scholarship For ST Students: अगर आप अनुसूचित जनजाति यानी एसटी वर्ग से हैं और विदेश में उच्च शिक्षा लेना चाहते हैं तो बड़ी खुशखबरी है। जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना चला रहा है जिसमें मास्टर्स और पीएचडी के लिए पूरी आर्थिक मदद मिलती है। हर साल 20 छात्रवृत्तियां दी जाती हैं जिसमें 17 एसटी और 3 पीवीटीजी के लिए हैं। सालाना भत्ता USD 15,400 यानी लगभग ₹13 लाख मिलता है। पूरी ट्यूशन फीस, हवाई यात्रा, वीजा और मेडिकल इंश्योरेंस सब सरकार देती है। 2025-26 के लिए दूसरे दौर के आवेदन 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2025 तक चल रहे हैं।

कितना मिलेगा हर साल

सालाना रखरखाव भत्ता USD 15,400 यानी लगभग ₹13 लाख जो विदेश में रहने के खर्चे के लिए है। आकस्मिक खर्चों के लिए USD 1,532 यानी लगभग ₹1.30 लाख अलग से मिलता है। पूरी ट्यूशन फीस सीधे विश्वविद्यालय को भारतीय दूतावास के माध्यम से दी जाती है। जाते और आते समय की इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा का खर्च मिलता है। वीजा शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाती है। मेडिकल इंश्योरेंस का खर्च सरकार उठाती है। पोल टैक्स यानी जो भी स्थानीय टैक्स हो वह भी दिया जाता है।

कौन कर सकता है आवेदन

अनुसूचित जनजाति यानी एसटी वर्ग या पीवीटीजी से होना जरूरी है। भारत का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। परिवार की कुल सालाना आय सभी स्रोतों से ₹6 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। स्नातक में कम से कम 60 प्रतिशत अंक होने चाहिए मास्टर्स के लिए या मास्टर्स में 60 प्रतिशत पीएचडी के लिए। अगर किसी ने टॉप 1000 क्यूएस रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले लिया है तो अंकों की शर्त नहीं लगेगी। एक ही परिवार के सिर्फ एक बच्चे को यह छात्रवृत्ति मिल सकती है। जिसने पहले से यह पुरस्कार ले लिया है वह दोबारा नहीं ले सकता।

कौन से कोर्स शामिल हैं

20 छात्रवृत्तियों में से 10 विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी स्टेम के लिए हैं। मास्टर्स, पीएचडी और पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है। सिर्फ फुल टाइम ऑन कैंपस कोर्स के लिए है ऑनलाइन नहीं। स्नातक यानी बैचलर डिग्री इस योजना में शामिल नहीं है। टॉप 1000 क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटी में प्रवेश होना चाहिए। मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में बिना शर्त प्रवेश पत्र मिलना जरूरी है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

सबसे पहले overseas.tribal.gov.in पर जाएं। न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें और सभी जानकारी भरें। अपना आधार नंबर, ईमेल और मोबाइल नंबर दें। ई-केवाईसी आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी से पूरी करें। डिजी लॉकर से दस्तावेज जोड़ें या मैन्युअल अपलोड करें। जाति प्रमाण पत्र, मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र, विदेशी यूनिवर्सिटी का प्रवेश पत्र अपलोड करें। पासपोर्ट की कॉपी और दो पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें। सबमिट करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लें। आवेदन का प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें।

चयन प्रक्रिया कैसी है

सबसे पहले यूनिवर्सिटी की क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग देखी जाती है। जिसने जितनी ऊंची रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया है उसे प्राथमिकता मिलती है। अगर रैंकिंग बराबर है तो स्नातक या मास्टर्स में मिले अंकों के आधार पर चयन होता है। पहले जिन्होंने प्रवेश ले लिया है उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। मेरिट लिस्ट बनाई जाती है और वेबसाइट पर डाली जाती है। फिर विशेषज्ञ समिति इंटरव्यू लेती है। अंतिम चयन सूची 1 जुलाई 2025 तक घोषित की गई थी पहले दौर के लिए। चुने गए छात्रों को ईमेल से सूचना मिलती है।

दस्तावेज सत्यापन जरूरी

चयन के बाद 31 दिसंबर 2025 तक दस्तावेजों का सत्यापन करवाना अनिवार्य है। जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली में जाकर सभी मूल दस्तावेज दिखाने होंगे। पहले से अपॉइंटमेंट लेनी होगी। अगर समय पर सत्यापन नहीं हुआ तो छात्रवृत्ति रद्द हो जाएगी। सत्यापन के बाद अंतिम पुरस्कार पत्र मिलेगा। फिर आप विदेश जाने के लिए तैयार हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

पहले दौर के आवेदन 15 मई से 15 जुलाई 2025 तक थे। पहले दौर का रिजल्ट 1 जुलाई 2025 को घोषित हुआ। दूसरे दौर के आवेदन 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2025 तक चल रहे हैं। दस्तावेज सत्यापन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है। चयन के बाद 2 साल का समय मिलता है विदेशी यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने के लिए। अगर 2 साल में प्रवेश नहीं लिया तो छात्रवृत्ति रद्द हो जाएगी।

भुगतान कैसे होगा

छात्रवृत्ति का भुगतान भारतीय दूतावास या मिशन के माध्यम से विदेश में किया जाता है। रखरखाव भत्ता हर महीने या तिमाही के आधार पर छात्र के विदेशी बैंक खाते में आता है। ट्यूशन फीस सीधे यूनिवर्सिटी को दूतावास देता है। छात्र को अपनी प्रगति रिपोर्ट हर साल भेजनी होगी। मंत्रालय और दूतावास को सूचित रखना जरूरी है। अगर संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो छात्रवृत्ति रोकी जा सकती है।

अन्य शर्तें

छात्र को कोर्स की पूरी अवधि तक बाहर रहना होगा। बीच में भारत आने पर दूतावास और यूनिवर्सिटी को सूचित करना अनिवार्य है। भारत में रहने के दौरान कोई भत्ता नहीं मिलेगा और यात्रा खर्च खुद उठाना होगा। यूनिवर्सिटी में टीचिंग या रिसर्च असिस्टेंटशिप कर सकते हैं लेकिन बाहर नौकरी नहीं कर सकते। कोर्स या यूनिवर्सिटी बदलने की अनुमति नहीं है सिवाय असाधारण परिस्थितियों में। लगातार दो साल फेल होने या खराब प्रदर्शन पर छात्रवृत्ति रद्द हो सकती है।

Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति एसटी छात्रों के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है। 2025-26 दूसरे दौर के आवेदन 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2025 तक हैं। हर साल 20 छात्रवृत्तियां दी जाती हैं। आवेदन overseas.tribal.gov.in पर करें। ताजा जानकारी के लिए tribal.nic.in देखें।

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