अगर आपने कीट/रोग नियंत्रण योजना के तहत बखारी, पावर स्प्रेयर या मानव चालित स्प्रेयर की बुकिंग कराई है तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। कृषि निदेशालय ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों को टोकन पास मिल गया है, उन्हें एक महीने के अंदर-अंदर अपना बिल विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। अगर समय पर बिल अपलोड नहीं किया तो आपकी बुकिंग अपने आप कैंसिल हो जाएगी और फिर दोबारा बुकिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह योजना चल रही है और हजारों किसानों ने बुकिंग कराई है, लेकिन अब सबसे जरूरी है बिल समय पर अपलोड करना। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि बिल कैसे अपलोड करें और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
टोकन मिलने के बाद क्या करना होगा
कृषि विभाग ने उन सभी किसानों को मैसेज भेजा है जिनका टोकन पास हो चुका है। मैसेज मिलने के ठीक एक महीने के अंदर आपको अपने स्प्रेयर की खरीदारी का बिल अपलोड करना अनिवार्य है। यह बिल आपको दुकानदार से खरीदारी के समय मिलता है, जिसमें स्प्रेयर का नाम, कीमत, दुकान का नाम और GST नंबर होता है। इस बिल को स्कैन करके या फोटो खींचकर कृषि विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। अगर आप समय पर बिल अपलोड नहीं करते हैं तो सिस्टम में आपकी बुकिंग ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगी और फिर आपको सब्सिडी नहीं मिलेगी। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि मैसेज मिलते ही जल्दी से जल्दी बिल अपलोड कर दें।
बिल अपलोड करने का सही तरीका
बिल अपलोड करने के लिए सबसे पहले आपको कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां कीट/रोग नियंत्रण योजना का सेक्शन मिलेगा, जिसमें “बिल अपलोड” का ऑप्शन होगा। अपना टोकन नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालने के बाद आपको बिल की फोटो या स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। ध्यान रखें कि बिल की फोटो साफ और पढ़ने लायक होनी चाहिए, वरना रिजेक्ट हो सकती है। अगर आपको ऑनलाइन अपलोड करने में दिक्कत आ रही है तो नजदीकी कृषि विभाग के ऑफिस या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर मदद ले सकते हैं। वहां के कर्मचारी आपकी मदद करेंगे, लेकिन देरी बिल्कुल मत कीजिए।
देरी करने पर क्या होगा नुकसान
अगर आप एक महीने के अंदर बिल अपलोड नहीं करते हैं तो आपकी बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। इसका मतलब है कि आपको सब्सिडी का पैसा नहीं मिलेगा और आपकी बुकिंग वेटिंग में चली जाएगी। फिर से नई बुकिंग कराने में महीनों लग सकते हैं क्योंकि योजना में सीमित संख्या में ही स्प्रेयर दिए जाते हैं। इसलिए जिन किसानों ने बुकिंग कराई है, वे इस काम को गंभीरता से लें और तुरंत बिल अपलोड कर दें। यह योजना किसानों के फायदे के लिए है, लेकिन नियमों का पालन करना भी जरूरी है वरना सरकारी मदद से वंचित रह जाएंगे।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। नियम और प्रक्रिया में बदलाव हो सकते हैं। सटीक जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।