Post Office Monthly Income Scheme: ₹9 लाख जमा करें और पाएं हर महीने ₹5550, 7.4% ब्याज की गारंटी

अगर आप रिटायर हो चुके हैं या हर महीने एक तय आमदनी चाहते हैं और ऐसी जगह पैसा लगाना चाहते हैं जहां कोई जोखिम न हो तो Post Office Monthly Income Scheme यानी POMIS आपके लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है। इस सरकारी योजना में आपको 7.4% सालाना ब्याज मिलता है जो हर महीने आपके खाते में आता है। आप कम से कम ₹1000 से खाता खोल सकते हैं और अकेले में अधिकतम ₹9 लाख या जॉइंट खाते में ₹15 लाख तक जमा कर सकते हैं। मान लीजिए अगर आप ₹9 लाख जमा करते हैं तो आपको हर महीने ₹5550 की नियमित आय मिलेगी। यह योजना 5 साल की होती है और मैच्योरिटी पर आप चाहें तो फिर से 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। ब्याज की दर वित्त मंत्रालय हर तिमाही तय करता है और जनवरी 2025 से 7.4% की दर स्थिर चल रही है।

कितना ब्याज मिलता है और कैसे मिलता है

POMIS में ब्याज सालाना 7.4% की दर से लगता है लेकिन यह हर महीने आपके खाते में जमा होता है, साल के अंत में नहीं। ब्याज खाता खोलने की तारीख से एक महीने बाद से शुरू होता है और फिर हर महीने की उसी तारीख को आता रहता है। ब्याज की गणना बहुत आसान है – मासिक आय = जमा रकम × 7.4% ÷ 12। उदाहरण के लिए अगर आप ₹4 लाख जमा करते हैं तो आपको हर महीने ₹2466 मिलेंगे, अगर ₹6 लाख जमा करते हैं तो ₹3700 महीना मिलेगा, और ₹9 लाख जमा करने पर ₹5550 हर महीने आएगा। यह ब्याज आप पोस्ट ऑफिस जाकर निकाल सकते हैं या फिर ऑटो क्रेडिट सुविधा से अपने बचत खाते या बैंक खाते में सीधे मंगवा सकते हैं। जॉइंट खाते में दोनों खाताधारकों की हिस्सेदारी बराबर होती है यानी ₹15 लाख जमा करने पर ₹7.5 लाख हर एक का माना जाएगा। अगर ब्याज किसी महीने नहीं निकाला तो वो खाते में जमा रहता है लेकिन उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।

कौन खोल सकता है खाता और क्या चाहिए

कोई भी भारतीय नागरिक चाहे वो नौकरीपेशा हो, व्यवसायी हो या रिटायर्ड हो, POMIS खाता खोल सकता है। एनआरआई इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। एक व्यक्ति अकेले खाता खोल सकता है या अपने पति या पत्नी के साथ जॉइंट खाता खोल सकता है। 10 साल से ऊपर के नाबालिग के लिए अभिभावक की ओर से खाता खोला जा सकता है जिसकी अधिकतम सीमा ₹3 लाख है। 18 साल का होने पर नाबालिग को खाता अपने नाम करवाना होता है। एक व्यक्ति कई POMIS खाते खोल सकता है लेकिन सभी खातों में कुल जमा रकम ₹9 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज में आधार कार्ड अनिवार्य है, पैन कार्ड भी चाहिए, पासपोर्ट साइज फोटो, और पता प्रमाण जैसे राशन कार्ड या बिजली बिल। अगर आप किसी महीने में ₹10000 से ज्यादा की निकासी या ट्रांसफर करते हैं तो पैन कार्ड खाता खोलने के दो महीने के अंदर जमा करना जरूरी है। नॉमिनी का नाम भी देना होता है जो आपकी मृत्यु के बाद पैसा पाने का हकदार होगा।

कैसे खोलें खाता और क्या हैं नियम-शर्तें

किसी भी पोस्ट ऑफिस की शाखा में जाएं और POMIS खाता खोलने का फॉर्म लें या इंडिया पोस्ट की वेबसाइट indiapost.gov.in से डाउनलोड करें। फॉर्म में अपनी पूरी जानकारी भरें, सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी अटैच करें और नॉमिनी का नाम जरूर लिखें। अगर ₹1 लाख से कम जमा कर रहे हैं तो कैश दे सकते हैं, उससे ज्यादा के लिए चेक या डिमांड ड्राफ्ट देना होगा। फॉर्म जमा करते ही आपका खाता खुल जाएगा और पासबुक मिल जाएगी। समय से पहले निकासी के नियम हैं – 1 साल से पहले खाता बंद नहीं कर सकते, 1 से 3 साल के बीच बंद करें तो मूल रकम का 2% कट जाएगा, और 3 से 5 साल के बीच बंद करें तो 1% काटा जाएगा। 5 साल बाद मैच्योरिटी पर आप चाहें तो पूरा पैसा निकाल सकते हैं या एक साल के अंदर फिर से 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। अगर मैच्योरिटी के बाद 2 साल तक पैसा नहीं निकाला तो बचत खाते की दर से ब्याज मिलता रहेगा। टैक्स की बात करें तो POMIS में धारा 80सी के तहत कोई छूट नहीं है और ब्याज पर आपके स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। हालांकि ब्याज पर टीडीएस नहीं कटता।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए दी गई है। ब्याज दर हर तिमाही बदल सकती है और सरकार द्वारा तय की जाती है। खाता खोलने से पहले नजदीकी पोस्ट ऑफिस या indiapost.gov.in से नवीनतम जानकारी जरूर लें।

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