Lado Protsahan Yojana: बेटियों को ₹1.50 लाख, जन्म से 21 साल तक 7 किस्तों में, कोई आवेदन नहीं

Lado Protsahan Yojana: अगर आप राजस्थान के निवासी हैं और आपके घर में बेटी ने जन्म लिया है तो बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की सरकार ने अगस्त 2024 से लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू की है जिसमें बेटियों को जन्म से लेकर 21 साल तक कुल ₹1.50 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि 7 अलग-अलग किस्तों में दी जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस योजना के लिए अलग से कोई आवेदन नहीं करना होता। यह पूरी तरह स्वचालित प्रणाली है जो अस्पताल और स्कूल के डेटा से खुद काम करती है। नवंबर 2025 से निजी स्कूल की बेटियां भी इस योजना में शामिल हो गई हैं।

कितनी मिलेगी राशि और कब

जन्म के समय मां को ₹5,000 मिलते हैं। 1 साल पूरा होने पर ₹5,000 दूसरी किस्त आती है। कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹10,000 तीसरी किस्त मिलती है। कक्षा 6 में प्रवेश पर ₹15,000 चौथी किस्त दी जाती है। कक्षा 10 में प्रवेश पर ₹20,000 पांचवीं किस्त मिलती है। कक्षा 12 पास करने पर ₹25,000 छठी किस्त आती है। स्नातक पास करने और 21 साल की उम्र पूरी होने पर ₹70,000 सातवीं और आखिरी किस्त मिलती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी यानी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से आती है।

कोई आवेदन नहीं करना होगा

यह योजना पूरी तरह स्वचालित है इसलिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं है। बेटी का जन्म सरकारी या जननी सुरक्षा योजना से मान्यता प्राप्त अस्पताल में होना चाहिए। अस्पताल पीसीटीएस पोर्टल पर जन्म की जानकारी अपलोड करता है। फिर स्कूल शाला दर्पण पोर्टल पर कक्षावार डेटा अपलोड करते हैं। कॉलेज उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर स्नातक की जानकारी डालते हैं। सभी विभाग मिलकर डेटा साझा करते हैं और पात्र बेटियों को खुद किस्त मिल जाती है। बस यह ध्यान रखें कि आपका जन आधार कार्ड और बैंक खाता अपडेट हो।

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कौन पात्र है योजना के लिए

राजस्थान की स्थायी निवासी होना जरूरी है। बेटी का जन्म 1 अगस्त 2024 या उसके बाद होना चाहिए। सरकारी या जननी सुरक्षा योजना से मान्यता प्राप्त अस्पताल में जन्म होना अनिवार्य है। परिवार आईडी यानी जन आधार कार्ड में बेटी का नाम होना चाहिए। कक्षा 1 से 12 तक सरकारी स्कूल या सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूल में पढ़ना जरूरी है। नवंबर 2025 से निजी स्कूल की बेटियां भी शामिल हो गई हैं। मुख्यमंत्री राजश्री योजना की लाभार्थी भी इस योजना का फायदा ले सकती हैं। गरीब, पिछड़े, एससी एसटी ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को प्राथमिकता है।

जरूरी दस्तावेज

जन आधार कार्ड सबसे जरूरी है क्योंकि इसी से सभी डेटा लिंक होता है। बेटी का जन्म प्रमाण पत्र जो अस्पताल देता है। आधार कार्ड माता-पिता और बेटी का भी जैसे ही बने। राजस्थान का निवास प्रमाण पत्र। बैंक खाता पासबुक जो आधार से लिंक हो और परिवार आईडी में दर्ज हो। बाल स्वास्थ्य कार्ड यानी चाइल्ड हेल्थ कार्ड। जाति प्रमाण पत्र अगर एससी एसटी ओबीसी हैं तो। शैक्षिक प्रमाण पत्र हर कक्षा में प्रवेश के समय। मोबाइल नंबर जो सक्रिय हो ताकि अपडेट मिलते रहें।

किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें

department.rajasthan.gov.in/scheme/detail/1184 पर जाएं। जन कल्याण पोर्टल में लॉगिन करें। लाडो प्रोत्साहन योजना खोजें। अपना जन आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। किस्त का पूरा स्टेटस दिखेगा कि कौन सी किस्त आई और कौन सी बाकी है। अगर किस्त नहीं आई तो वजह भी बताई जाएगी। आप नजदीकी ईमित्र केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर भी स्टेटस चेक करवा सकती हैं।

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निजी स्कूल की बेटियां भी पात्र

नवंबर 2025 तक सिर्फ सरकारी और सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलों की बेटियां ही पात्र थीं। लेकिन मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने घोषणा की कि अब निजी स्कूल की बेटियों को भी लाभ मिलेगा। यह बहुत बड़ा बदलाव है जिससे हजारों और बेटियां इस योजना से जुड़ेंगी। बस यह ध्यान रखें कि स्कूल मान्यता प्राप्त होना चाहिए। स्कूल को शिक्षा विभाग के पोर्टल पर डेटा अपलोड करना अनिवार्य है। तभी किस्त मिलेगी।

राजश्री योजना से कैसे अलग है

मुख्यमंत्री राजश्री योजना पहले से चल रही थी जिसमें ₹50,000 मिलते थे। लाडो प्रोत्साहन योजना में ₹1.50 लाख मिलते हैं यानी तीन गुना ज्यादा। दोनों योजनाओं की लाभार्थी बेटियां दोनों का फायदा ले सकती हैं। लाडो योजना में स्नातक तक का खर्च कवर होता है जो राजश्री में नहीं था। लाडो योजना में सबसे बड़ी राशि ₹70,000 स्नातक पास करने पर मिलती है जो उच्च शिक्षा या शादी में मदद करती है। यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने पर ज्यादा केंद्रित है।

योजना का उद्देश्य

समाज में बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मान्यता देना है। लिंग अनुपात में सुधार लाना और कन्या भ्रूण हत्या रोकना है। शिशु मृत्यु दर कम करना और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है। बेटियों की शिक्षा में सुधार लाना और स्कूल छोड़ने वालों की संख्या कम करना है। बाल विवाह की प्रथा रोकना और बेटियों की शादी की सही उम्र तक इंतजार करवाना है। उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करना ताकि बेटियां डॉक्टर इंजीनियर बन सकें। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम करना है। बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है।

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महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें

अगर बेटी स्कूल छोड़ देती है तो अगली किस्तें रुक जाएंगी। पढ़ाई दोबारा शुरू करने पर फिर मिलना शुरू हो जाएंगी। परिवार आईडी में बेटी का नाम और जन्म प्रमाण पत्र में नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए। बैंक खाता हमेशा सक्रिय रखें वरना किस्त अटक सकती है। एक परिवार की सभी बेटियों को अलग-अलग लाभ मिलेगा। राजस्थान के भीतर कहीं भी शिफ्ट हों तो नजदीकी आंगनबाड़ी में रिकॉर्ड अपडेट करवाएं। गलत जानकारी देने पर योजना से बाहर कर दिया जाएगा। सभी किस्तों का रिकॉर्ड अपने पास रखें।

Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार द्वारा अगस्त 2024 से चल रही है। 1 अगस्त 2024 या उसके बाद जन्मी बेटियां पात्र हैं। कुल ₹1.50 लाख सात किस्तों में मिलते हैं। कोई अलग से आवेदन नहीं करना होता। नवंबर 2025 से निजी स्कूल की बेटियां भी शामिल हैं। ताजा जानकारी के लिए department.rajasthan.gov.in देखें या नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क करें।

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