CM Yuva Udyami Yojana: अगर आप युवा हैं और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन पैसों की कमी है तो यह योजना आपके लिए सुनहरा मौका है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना चल रही है। इसमें ₹10 लाख से ₹2 करोड़ तक का लोन मिलता है जिसमें से 50 प्रतिशत सब्सिडी यानी मुफ्त पैसा है और बाकी 50 प्रतिशत ब्याज मुक्त कर्ज है। उत्तर प्रदेश में ₹5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन मिलता है। 18 से 40 साल के युवा आवेदन कर सकते हैं। कोई संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं है।
कितना मिलेगा लोन और सब्सिडी
मध्य प्रदेश में ₹10 लाख से ₹2 करोड़ तक का लोन मिलता है। सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 15 प्रतिशत यानी अधिकतम ₹12 लाख सब्सिडी मिलती है। बीपीएल और एससी एसटी ओबीसी महिलाओं को 20 प्रतिशत यानी अधिकतम ₹18 लाख सब्सिडी मिलती है। साथ ही 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी 7 साल तक दी जाती है जो सालाना ₹5 लाख तक हो सकती है। महिलाओं को 6 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलती है। बिहार में ₹10 लाख मिलते हैं जिसमें ₹5 लाख सब्सिडी और ₹5 लाख ब्याज मुक्त कर्ज है। उत्तर प्रदेश में ₹5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन मिलता है। 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी यानी अधिकतम ₹50,000 चुकाने पर मिलेगी।
कौन कर सकता है आवेदन
उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। कम से कम कक्षा 8वीं या 10वीं पास होना जरूरी है। मध्य प्रदेश में 10वीं पास, उत्तर प्रदेश में 8वीं पास और बिहार में 12वीं पास चाहिए। सरकारी योजनाओं में प्रशिक्षण लेना जरूरी है जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट ट्रेनिंग या कौशल विकास मिशन। राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। किसी अन्य सरकारी सब्सिडी योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। पहले किसी लोन में डिफॉल्ट नहीं होना चाहिए। सरकारी नौकरी में ₹15,000 से ज्यादा सैलरी वाले पात्र नहीं हैं।
कौन से व्यवसाय शुरू कर सकते हैं
विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय जैसे खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, लकड़ी का काम। सेवा क्षेत्र जैसे रेस्टोरेंट, सैलून, फोटोग्राफी स्टूडियो, ट्रांसपोर्ट सेवा। व्यापार यानी ट्रेडिंग बिजनेस जैसे रिटेल स्टोर, होलसेल। कृषि आधारित व्यवसाय जैसे पोल्ट्री, डेयरी, मछली पालन, मधुमक्खी पालन। तकनीकी सेवाएं जैसे सॉफ्टवेयर, वेब डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग। हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद। कुछ व्यवसाय बैन हैं जैसे तंबाकू, शराब से संबंधित और अवैध गतिविधियां।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
मध्य प्रदेश के लिए merayuva.mp.gov.in पर जाएं। बिहार के लिए udyami.bihar.gov.in पर जाएं। उत्तर प्रदेश के लिए yuvasathi.up.gov.in पर जाएं। नए उपयोगकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करें। योजना चुनें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना। अपना आधार नंबर डालें और ओटीपी से वेरिफाई करें। मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दें। पूरा रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें और लॉगिन आईडी पासवर्ड बनाएं। फिर लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें जिसमें व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षिक योग्यता, प्रशिक्षण विवरण दें। परियोजना रिपोर्ट तैयार करें जो सबसे जरूरी है। सभी दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें।
परियोजना रिपोर्ट कैसे बनाएं
यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसके बिना लोन नहीं मिलेगा। इसमें आपके व्यवसाय का विवरण, कुल निवेश, अनुमानित खर्च और आय की पूरी जानकारी होनी चाहिए। आपको क्या व्यवसाय शुरू करना है, कितनी पूंजी चाहिए, मशीनरी और कच्चा माल कितने का लगेगा, कितने लोगों को रोजगार मिलेगा, कितना मुनाफा होगा, ये सब लिखना है। सरकार की वेबसाइट पर सैंपल परियोजना रिपोर्ट दी गई हैं जिन्हें देखकर बना सकते हैं। कई संस्थाएं और जन सेवा केंद्र परियोजना रिपोर्ट बनाने में मदद करते हैं जिसका छोटा शुल्क लग सकता है।
जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड जो मोबाइल नंबर से लिंक हो। पैन कार्ड। जाति प्रमाण पत्र अगर एससी एसटी ओबीसी हैं तो। आय प्रमाण पत्र जो तहसीलदार ने जारी किया हो। निवास प्रमाण पत्र। 10वीं और 12वीं की मार्कशीट। प्रशिक्षण प्रमाण पत्र या कौशल प्रमाणपत्र। बैंक खाता पासबुक जिसमें आईएफएससी कोड साफ हो। व्यवसाय स्थल का प्रमाण अगर किराए पर है तो एग्रीमेंट। परियोजना रिपोर्ट जो विस्तृत हो। पासपोर्ट साइज फोटो। सभी दस्तावेज स्कैन करके पीडीएफ में 500 केबी से कम साइज में तैयार रखें।
चयन प्रक्रिया और समय सीमा
आवेदन जमा होने के बाद जिला अधिकारी द्वारा सत्यापन होता है। फिर बैंक आपके दस्तावेज और परियोजना रिपोर्ट की जांच करता है। जिला स्तरीय समिति साक्षात्कार लेती है जिसमें आपके व्यवसाय विचार के बारे में पूछा जाता है। स्वीकृति के बाद बैंक लोन स्वीकार करता है। पूरी प्रक्रिया में 45 से 60 दिन लग सकते हैं। बिहार में कंप्यूटरीकृत लॉटरी से चयन होता है पारदर्शिता के लिए। चयन सूची वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है। चुने गए उम्मीदवारों को एसएमएस और ईमेल से सूचना मिलती है।
लोन कैसे मिलेगा
स्वीकृति के बाद लोन की राशि सीधे आपके बैंक खाते में आएगी। पहले चरण में परियोजना लागत का कुछ हिस्सा मिलता है। मशीनरी, कच्चा माल खरीदने के बाद बिल जमा करने पर अगली किस्त मिलती है। सब्सिडी पीछे से यानी बैक एंडेड दी जाती है। यानी पहले पूरा लोन मिलेगा फिर समय पर चुकाने पर सब्सिडी मिलेगी। उत्तर प्रदेश में 4 साल में समय पर चुकाने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है। कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती। क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट के तहत गारंटी शुल्क सरकार देती है।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
लोन मिलने से पहले उद्यमिता विकास कार्यक्रम में भाग लेना होता है। यह मुफ्त प्रशिक्षण 7 से 10 दिन का होता है। इसमें व्यवसाय कैसे चलाएं, खाते कैसे रखें, मार्केटिंग कैसे करें सब सिखाया जाता है। लोन मिलने के बाद भी सरकार मार्गदर्शन और सहायता देती है। जिला उद्योग केंद्र समय-समय पर निगरानी करता है। अगर कोई समस्या है तो मदद भी मिलती है। मेंटरशिप प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं जहां अनुभवी उद्यमी नए युवाओं को गाइड करते हैं।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियमों से चल रही है। मध्य प्रदेश में ₹10 लाख से ₹2 करोड़, बिहार में ₹10 लाख और उत्तर प्रदेश में ₹5 लाख तक लोन मिलता है। आवेदन की तिथियां राज्य सरकार समय-समय पर घोषित करती है। ताजा जानकारी के लिए अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट देखें या जिला उद्योग केंद्र से संपर्क करें।