अगर आप अपने बच्चे का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं और चाहते हैं कि वो 18 साल का होते-होते करोड़पति बन जाए, तो एनपीएस वात्सल्य योजना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना में आप अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम पर पेंशन खाता खोल सकते हैं और साल में सिर्फ ₹1000 से शुरुआत कर सकते हैं, ऊपर की कोई सीमा नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई 2024 को बजट में इस योजना का ऐलान किया था और 18 सितंबर 2024 को यह पूरे देश में लागू हो गई। सबसे बड़ी बात यह है कि 2025-26 के बजट में इस योजना को टैक्स छूट भी मिल गई है जो नियमित एनपीएस के बराबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी पीएफआरडीए इस योजना को चलाती है और आज तक हजारों माता-पिता अपने बच्चों का खाता खुलवा चुके हैं क्योंकि यह चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत से लंबे समय में बहुत बड़ा पैसा बना देती है।
कितना पैसा जमा करना होता है और कैसे बढ़ता है
इस योजना में खाता खोलने के लिए कम से कम ₹1000 की शुरुआती रकम चाहिए और उसके बाद हर साल कम से कम ₹1000 जमा करने होते हैं। ऊपर की कोई सीमा नहीं है यानी आप जितना चाहें उतना जमा कर सकते हैं। मान लीजिए अगर आप हर महीने ₹10,000 जमा करते हैं और आपका बच्चा अभी नवजात है, तो जब वो 18 साल का होगा तब तक आपकी जमा रकम ₹21.6 लाख होगी लेकिन ब्याज और चक्रवृद्धि की ताकत से यह बढ़कर करीब ₹50 लाख या उससे भी ज्यादा हो सकती है। योजना में 9.5% से 10% तक का ब्याज मिल रहा है जो बाजार के हिसाब से बदलता रहता है। सबसे खास बात यह है कि पैसा सीधे आपके बैंक खाते में नहीं आता बल्कि अलग-अलग जगहों पर निवेश होता है जैसे कि शेयर बाजार, सरकारी बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड में, जिससे रिस्क भी कम रहता है और रिटर्न भी अच्छा मिलता है।
कौन खोल सकता है खाता और क्या चाहिए डॉक्युमेंट
18 साल से कम उम्र का कोई भी भारतीय बच्चा इस योजना के लिए योग्य है, साथ ही एनआरआई और ओसीआई यानी विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के बच्चे भी खाता खोल सकते हैं। खाता बच्चे के नाम पर खुलता है लेकिन उसे माता-पिता या अभिभावक संभालते हैं जब तक बच्चा 18 का नहीं हो जाता। जरूरी डॉक्युमेंट में बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का सर्टिफिकेट चाहिए, अभिभावक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट चाहिए, और अभिभावक का पैन कार्ड या फॉर्म 60 की जरूरत होती है। अगर आप एनआरआई हैं तो बच्चे का एनआरई या एनआरओ खाता भी लगाना होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि एक बच्चे के लिए सिर्फ एक ही खाता खुल सकता है और बच्चा ही इसका एकमात्र लाभार्थी होता है यानी सारा पैसा सिर्फ बच्चे का है।
खाता कैसे खोलें – ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके
ऑनलाइन खाता खोलने के लिए एनपीएस ट्रस्ट की ई-एनपीएस वेबसाइट पर जाएं, नीचे स्क्रॉल करके एनपीएस वात्सल्य के सेक्शन में रजिस्टर नाउ पर क्लिक करें, अभिभावक की जन्म तिथि, पैन नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल भरें, फिर मोबाइल और ईमेल पर आए ओटीपी डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इसके बाद बच्चे की सारी जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। ऑफलाइन खाता खोलने के लिए आप किसी भी बड़े बैंक, इंडिया पोस्ट, या पेंशन फंड के पॉइंट ऑफ प्रेजेंस यानी पीओपी पर जा सकते हैं। पीओपी की पूरी लिस्ट पीएफआरडीए की वेबसाइट पर मिल जाएगी। वहां जाकर फॉर्म भरें, डॉक्युमेंट दें और ₹1000 जमा करें, आपका खाता तुरंत खुल जाएगा और आपको एक यूनिक पीआरएएन नंबर यानी पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर मिलेगा जो आपके बच्चे की पहचान होगी।
18 साल के बाद क्या होता है और पैसा कैसे निकालें
जब बच्चा 18 साल का हो जाता है तो यह खाता अपने आप नियमित एनपीएस टियर-1 खाते में बदल जाता है। बच्चे को 18 साल होने के तीन महीने के अंदर नया केवाईसी करवाना होता है उसके बाद वो खुद अपना खाता चला सकता है और आगे जमा करना जारी रख सकता है। अगर बच्चा 18 से पहले ही पैसे निकालना चाहे तो कुछ शर्तों पर निकाल सकते हैं – खाता कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए, कुल जमा का सिर्फ 25% तक निकाल सकते हैं, और सिर्फ 3 बार ही पैसा निकाल सकते हैं 18 साल होने से पहले। पैसा सिर्फ बच्चे की पढ़ाई, गंभीर बीमारी के इलाज, या 75% से ज्यादा विकलांगता की स्थिति में ही निकाला जा सकता है। रिटायरमेंट के समय अगर फंड ₹2.5 लाख से ज्यादा है तो 80% को पेंशन में बदलना होगा और 20% एकमुश्त मिल सकता है, लेकिन अगर ₹2.5 लाख से कम है तो पूरा पैसा एकमुश्त मिल जाएगा।
टैक्स में छूट और निवेश के विकल्प
2025-26 के बजट में सरकार ने एनपीएस वात्सल्य को भी वही टैक्स छूट दे दी जो नियमित एनपीएस को मिलती है। धारा 80सीसीडी के तहत आप ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं और धारा 80सीसीडी(1बी) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 की छूट भी मिल सकती है। योजना में तीन तरह के निवेश विकल्प हैं – आक्रामक जिसमें 75% तक शेयर बाजार में निवेश होता है और ज्यादा रिटर्न मिलता है, मध्यम जिसमें 50% शेयर बाजार में होता है, और रूढ़िवादी जिसमें 25% शेयर बाजार में और बाकी सुरक्षित जगहों पर निवेश होता है। आप अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है। योजना के नियम, ब्याज दर और टैक्स छूट में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं। खाता खोलने से पहले पीएफआरडीए की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी बैंक से नवीनतम जानकारी जरूर लें।