अगर आपके घर में 11 से 14 साल की बेटी है और आप चाहते हैं कि उसे सही पोषण मिले, उसकी पढ़ाई जारी रहे और वो एक self-reliant और aware नागरिक बने, तो Scheme for Adolescent Girls (SAG) यानी SABLA आपके लिए बहुत बड़ी मदद है।
Ministry of Women and Child Development की यह योजना खासतौर पर उन लड़कियों के लिए है जो school नहीं जा रही हैं या जिनकी पोषण की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं। इसमें हर दिन ₹9.50 के हिसाब से nutritious food दिया जाता है, साथ ही health checkup, Iron और Folic Acid की गोलियां, life skills training और vocational training भी दी जाती है। 2010 से चल रही यह योजना अब Anganwadi Centres के through पूरे देश में काम कर रही है और लाखों किशोरियों को सशक्त बना रही है।
क्या-क्या मिलता है इस योजना में
SAG scheme में दो major components हैं – Nutrition और Non-Nutrition। Nutrition component में adolescent girls को Supplementary Nutrition Programme (SNP) के तहत हर दिन ₹9.50 के हिसाब से nutritious food items मिलते हैं जिनमें calories, protein और micronutrients होते हैं।
यह खाना Anganwadi Centre से दिया जाता है। Non-Nutrition component में बहुत सारी चीजें शामिल हैं – हर 3 महीने में health checkup होता है जिसमें height, weight और BMI check की जाती है, Iron और Folic Acid (IFA) की गोलियां दी जाती हैं ताकि anemia न हो, health और hygiene के बारे में awareness दी जाती है, और सबसे अच्छी बात यह है कि out of school girls को वापस school भेजने में मदद की जाती है या फिर उन्हें vocational training और skill development programs में भेजा जाता है। हर लड़की को Kishori Health Card दिया जाता है जिसमें उसकी पूरी health history record की जाती है और हर तीन महीने में एक Kishori Diwas भी मनाया जाता है जहां community और parents को भी aware किया जाता है।
कौन ले सकती है इस योजना का फायदा
यह योजना specially 11 से 14 साल की उन लड़कियों के लिए है जो school नहीं जा रही हैं। अगर आपकी बेटी किसी वजह से school छोड़ चुकी है या कभी school गई ही नहीं तो वो इस scheme की पूरी लाभार्थी है। योजना का मुख्य focus यह है कि ऐसी लड़कियों को वापस formal schooling में ले आया जाए या फिर उन्हें bridge learning और skill training दी जाए ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
हालांकि कुछ states में school जाने वाली लड़कियों को भी nutrition support दिया जाता है लेकिन priority out of school girls को ही मिलती है। सबसे जरूरी बात यह है कि लड़की का नाम nearest Anganwadi Centre में registered होना चाहिए। किसी तरह का कोई income criteria नहीं है और न ही किसी certificate की जरूरत है – बस उम्र 11 से 14 के बीच होनी चाहिए और वो out of school होनी चाहिए।
कैसे करें registration – बिल्कुल आसान
SAG scheme में registration बहुत simple है। सबसे पहले अपने area की nearest Anganwadi Centre में जाएं और वहां की Anganwadi Worker से मिलें। उन्हें बताएं कि आपकी बेटी 11 से 14 साल की है और school नहीं जा रही है।
Anganwadi Worker आपकी बेटी का नाम register कर लेंगी और उसे Kishori Health Card भी issue कर देंगी। किसी तरह की कोई fees नहीं है और न ही कोई complicated paperwork है। बस basic information जैसे नाम, उम्र, address और parents का contact number देना होता है। Registration के बाद आपकी बेटी को तुरंत nutritional support मिलना शुरू हो जाएगा और उसे हर तीन महीने में health checkup के लिए बुलाया जाएगा। Kishori Diwas के दिन आप parents भी जा सकते हैं और समझ सकते हैं कि scheme में क्या-क्या services दी जा रही हैं।
Disclaimer: यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए दी गई है। SAG scheme अब Saksham Anganwadi और Poshan 2.0 के under आती है और कुछ states में age group 14-18 years भी cover किया जा रहा है। अपने area में scheme की exact details जानने के लिए nearest Anganwadi Centre या District Women and Child Development Office में संपर्क करें।