Bal Sangopan Yojana: अनाथ बच्चों को ₹425 महीना + मुफ्त शिक्षा, ऐसे करें आवेदन

Bal Sangopan Yojana: अगर महाराष्ट्र में कोई अनाथ बच्चा है या एकल अभिभावक का बच्चा है तो यह खबर बहुत जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार ने महिला और बाल विकास विभाग के माध्यम से बाल संगोपन योजना 2008 से चला रही है। इस योजना में 0 से 18 साल के बच्चों को हर महीने ₹425 की आर्थिक मदद मिलती है। अब तक 100 से ज्यादा परिवारों को फायदा मिल चुका है। यह पैसा पालक माता-पिता को धर्मार्थ संस्था के माध्यम से दिया जाता है ताकि बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।

किसे मिलेगा लाभ

अनाथ बच्चे जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं वे इस योजना के लिए पात्र हैं। एकल अभिभावक के बच्चे जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु हो गई है। तलाकशुदा माता-पिता के बच्चे जिनकी देखभाल नहीं हो पा रही है। बेघर और असहाय बच्चे जिनका कोई नहीं है। जिन बच्चों के माता-पिता गंभीर बीमारी जैसे कुष्ठ रोग, एचआईवी एड्स या मानसिक विकलांगता से पीड़ित हैं। जिन बच्चों के माता-पिता आजीवन कारावास में हैं। जिन परिवारों में आर्थिक संकट है और बच्चों की देखभाल नहीं हो पा रही है।

कितनी मिलेगी राशि

हर बच्चे को हर महीने ₹425 की राशि मिलती है जो पालक माता-पिता या परिवार को दी जाती है। इसके अलावा धर्मार्थ संस्था को प्रशासनिक खर्च और परिवार का दौरा करने के लिए ₹75 प्रति बच्चा अतिरिक्त दिया जाता है। कुछ स्रोतों के अनुसार सामान्य बच्चों के लिए परीक्षण अनुदान के रूप में ₹1,100 प्रति माह भी मंजूर किया गया है। कोविड-19 महामारी के बाद जिन बच्चों ने अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खो दिया उन्हें इस योजना में शामिल किया गया और राशि बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह की गई है साथ ही मुफ्त शिक्षा भी दी जाती है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

सबसे पहले महाराष्ट्र महिला और बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट womenchild.maharashtra.gov.in पर जाएं। होम पेज पर अप्लाई ऑनलाइन का लिंक खोजें और क्लिक करें। आवेदन फॉर्म खुल जाएगा जिसमें सभी जरूरी जानकारी भरें। मां का नाम, बच्चे का नाम, जन्म तिथि, लिंग और अन्य विवरण सही-सही दें। सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका ऑनलाइन पंजीकरण हो जाएगा। आप पीडीएफ फॉर्म भी डाउनलोड कर सकते हैं और भरकर संबंधित विभाग में जमा कर सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज

बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र। माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र अगर दोनों या एक की मृत्यु हो गई है। तलाक के कागजात अगर माता-पिता तलाकशुदा हैं। आधार कार्ड बच्चे का और पालक परिवार का। राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र। बैंक पासबुक जिसमें आईएफएससी कोड और अकाउंट नंबर हो। हाल की पासपोर्ट साइज फोटो। आय प्रमाण पत्र अगर आर्थिक कमजोरी साबित करनी हो। चिकित्सा प्रमाण पत्र अगर माता-पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

पात्रता की शर्तें

महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना जरूरी है। बच्चे की उम्र 0 से 18 साल के बीच होनी चाहिए। बच्चा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होना चाहिए। अनाथ, बेघर या असहाय बच्चे पात्र हैं। जिन बच्चों के माता-पिता किसी कारण से उनकी देखभाल नहीं कर सकते वे भी पात्र हैं। बच्चा किसी अन्य सरकारी योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। बच्चे को परिवार या संस्था के साथ अस्थायी रूप से रखा जाता है न कि गोद लिया जाता है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

बाल संगोपन योजना का मुख्य उद्देश्य 0 से 18 साल के अनाथ, बेघर और असहाय बच्चों को पारिवारिक वातावरण में देखभाल प्रदान करना है। जो माता-पिता अपने बच्चों की देखभाल नहीं कर सकते उन्हें आर्थिक मदद देना है। बच्चों को शिक्षा जारी रखने में मदद करना है ताकि वे आत्मविश्वास से पढ़ सकें। बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार में रखना है क्योंकि परिवार में बेहतर विकास होता है। राज्य के विकास में योगदान देना और बेरोजगारी कम करना है। बच्चों को सामाजिक सुरक्षा देना और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाना है।

संपर्क जानकारी

किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए महाराष्ट्र महिला और बाल विकास विभाग से संपर्क करें। पता: तीसरी मंजिल, नई प्रशासनिक इमारत, मैडम कामा रोड, हुतात्मा राजगुरु चौक, मुंबई – 400032, महाराष्ट्र। आप वेबसाइट womenchild.maharashtra.gov.in पर संपर्क करें सेक्शन में जाकर संबंधित विभाग की पूरी जानकारी देख सकते हैं। फोन नंबर और ईमेल पता वेबसाइट पर उपलब्ध है। आप अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या बाल कल्याण समिति से भी संपर्क कर सकते हैं।

योजना का प्रभाव

बाल संगोपन योजना ने असहाय बच्चों की जिंदगी बदल दी है। अनाथ बच्चों को परिवार जैसा माहौल मिल रहा है। शिक्षा जारी रख पा रहे हैं और भविष्य संवार रहे हैं। पालक परिवारों को आर्थिक मदद मिल रही है। बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर हो रहा है। समाज में जागरूकता बढ़ी है कि अनाथ बच्चों की मदद करना सबकी जिम्मेदारी है। 2008 से लगातार चल रही यह योजना महाराष्ट्र सरकार की एक सराहनीय पहल है।

Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। बाल संगोपन योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2008 से चल रही है। ₹425 से ₹2,500 तक की राशि अलग-अलग श्रेणियों के लिए है। आवेदन के लिए womenchild.maharashtra.gov.in पर जाएं। ताजा जानकारी और पात्रता के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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