Startup India Seed Fund Scheme: ₹20 लाख अनुदान + ₹50 लाख कर्ज, ऐसे करें आवेदन

Startup India Seed Fund Scheme: अगर आपके पास कोई नया व्यापार विचार है लेकिन शुरुआती पूंजी की कमी है तो यह योजना आपके लिए सुनहरा मौका है। सरकार ने उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना शुरू की है जिसमें शुरुआती दौर के स्टार्टअप को ₹20 लाख तक का अनुदान और ₹50 लाख तक का कर्ज मिल सकता है। यह योजना 1 अप्रैल 2021 से चल रही है और अब तक 1,635 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप सहित हजारों उद्यमियों को ₹284.79 करोड़ की मदद मिल चुकी है। यह पैसा उत्पाद विकास, बाजार परीक्षण और व्यावसायीकरण के लिए दिया जाता है।

कितना पैसा और किसके लिए मिलेगा

इस योजना के तहत दो तरह की वित्तीय सहायता मिलती है। पहला अनुदान यानी ग्रांट जिसमें ₹20 लाख तक मिल सकता है और इसे वापस नहीं करना होता। यह पैसा विचार की पुष्टि करने, प्रोटोटाइप बनाने या उत्पाद परीक्षण के लिए दिया जाता है। यह राशि माइलस्टोन के आधार पर किस्तों में मिलती है यानी जैसे-जैसे आप अपने लक्ष्य पूरे करते जाएंगे वैसे-वैसे अगली किस्त आती रहेगी। दूसरा है कर्ज या परिवर्तनीय डिबेंचर जिसमें ₹50 लाख तक मिल सकता है। यह बाजार में उतरने, व्यावसायीकरण या विस्तार के लिए दिया जाता है। इस पर 3 साल की स्थगन अवधि यानी मोरेटोरियम होता है जिसमें आपको कोई किस्त नहीं चुकानी पड़ती।

कौन आवेदन कर सकता है

इस योजना के लिए सबसे पहली शर्त है कि आपका स्टार्टअप डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए। आवेदन के समय आपकी कंपनी 2 साल से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए यानी पंजीकरण के 2 साल के भीतर ही आवेदन करना होगा। भारतीय प्रवर्तकों की हिस्सेदारी कम से कम 51 प्रतिशत होनी चाहिए आवेदन के समय। आपके पास एक व्यावसायिक विचार होना चाहिए जो बाजार में काम करने योग्य उत्पाद या सेवा बना सके, जिसका व्यावसायीकरण संभव हो और बड़े पैमाने पर बढ़ने की गुंजाइश हो। यह योजना सभी क्षेत्रों के लिए खुली है लेकिन सामाजिक प्रभाव, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन, स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया

आवेदन करने के लिए सबसे पहले स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर जाकर अपना स्टार्टअप पंजीकृत करवाएं और डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त करें। इसके बाद सीड फंड पोर्टल पर जाएं और अपने लॉगिन विवरण से दाखिल हों। वहां आपको अपनी पसंद के तीन इनक्यूबेटर चुनने होंगे जो इस योजना के साथ जुड़े हैं। इनक्यूबेटर का चुनाव अपने क्षेत्र, व्यावसायिक जरूरतों और रणनीतिक लक्ष्यों के आधार पर करें। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और किसी भौतिक दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है। आवेदन जमा करने के बाद चुने गए इनक्यूबेटर आपके आवेदन की समीक्षा करेंगे। यदि आपकी पहली पसंद का इनक्यूबेटर आपको चुन लेता है तो उसी से पैसा मिलेगा।

चयन प्रक्रिया कैसी है

इनक्यूबेटर की चयन समिति आपके आवेदन और प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन करती है। वे देखते हैं कि आपके विचार की बाजार में जरूरत है या नहीं, समाधान कितना अनूठा और नवीन है, आपकी टीम में क्या कौशल और अनुभव है, व्यावसायिक मॉडल कितना मजबूत है और बाजार का आकार कितना बड़ा है। चयन समिति को आवेदन मिलने के 45 दिन के भीतर फैसला लेना होता है। चुने गए स्टार्टअप को इनक्यूबेटर के साथ कानूनी समझौता करना होगा पहली किस्त मिलने से पहले। स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर आप वास्तविक समय में अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। अगर आपको अस्वीकार कर दिया गया तो 3 महीने बाद दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

परियोजना अवधि और रिपोर्टिंग

अनुदान के लिए परियोजना अवधि 12 महीने है जिसमें आपको अपने माइलस्टोन पूरे करने होते हैं। कर्ज या परिवर्तनीय डिबेंचर के मामले में 3 साल का मोरेटोरियम मिलता है यानी आपको तीन साल तक कोई वापसी नहीं करनी होगी। स्टार्टअप को समय-समय पर इनक्यूबेटर को प्रगति रिपोर्ट देनी होती है जिसमें प्राप्त माइलस्टोन, खर्च का विवरण और आगे की योजना बतानी होती है। परियोजना की अवधि पूरी होने पर अंतिम रिपोर्ट और लेखा परीक्षित उपयोग प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। सीड फंड का उपयोग सख्ती से उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए जिसके लिए दिया गया है और किसी भी सुविधा निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता।

योजना के अतिरिक्त लाभ

सिर्फ पैसा ही नहीं बल्कि इस योजना में शामिल होने वाले स्टार्टअप को 300 से ज्यादा सरकारी मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटरों तक पहुंच मिलती है। उद्योग के अनुभवी लोगों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन कार्यक्रम मिलते हैं जो आपके व्यवसाय को सही दिशा देते हैं। कानूनी, विपणन और वित्तीय अनुपालन में सहायता मिलती है। सह-कार्य स्थान और विकास के लिए क्लाउड क्रेडिट की सुविधा दी जाती है। बाजार संपर्क के अवसर और निवेशकों के सामने प्रस्तुति देने के मंच मिलते हैं। यह सब मिलकर आपके स्टार्टअप की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ा देते हैं खासकर टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में।

महिला उद्यमियों के लिए खास

सरकार महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को प्राथमिकता दे रही है। अक्टूबर 2025 तक 1,635 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को ₹284.79 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी है। कोई अलग से महिला कोटा नहीं है लेकिन मूल्यांकन में महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। कई इनक्यूबेटर महिला केंद्रित कार्यक्रम चलाते हैं जहां अतिरिक्त मार्गदर्शन और नेटवर्किंग सहायता मिलती है। फंड ऑफ फंड्स और क्रेडिट गारंटी योजना के साथ मिलाकर महिला उद्यमियों के लिए पूरा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया गया है।

सफलता की कहानियां

कई स्टार्टअप इस योजना से फायदा उठाकर सफल हो चुके हैं। पुणे की एक कृषि तकनीक कंपनी ने ₹18 लाख का सीड फंडिंग लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मिट्टी परीक्षण किट बनाई और अब 500 से ज्यादा किसानों के साथ काम कर रही है। लखनऊ की एक स्वास्थ्य तकनीक कंपनी को ₹45 लाख का परिवर्तनीय कर्ज मिला और अब उनका टेलीकंसल्टेशन मंच 8 राज्यों में इस्तेमाल हो रहा है। मध्य प्रदेश में एक इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी स्वैपिंग स्टार्टअप ने ₹20 लाख अनुदान से 50 स्टेशन लगाए हैं। ये उदाहरण बताते हैं कि यह योजना सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर काम कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मुझे दोनों अनुदान और कर्ज मिल सकते हैं? हां लेकिन प्रत्येक एक बार ही। पहले अनुदान लें फिर कुछ समय बाद कर्ज के लिए आवेदन कर सकते हैं। क्या अनुदान पर मेरी हिस्सेदारी कम होगी? नहीं, ₹20 लाख के अनुदान पर कोई हिस्सेदारी नहीं घटती। ₹50 लाख का परिवर्तनीय कर्ज में हिस्सेदारी की बात हो सकती है। क्या टीयर 2 और 3 शहरों से भी आवेदन कर सकते हैं? बिल्कुल, सरकार छोटे शहरों के उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है। कितना समय लगता है पूरी प्रक्रिया में? अगर दस्तावेज पूरे हैं तो 4 से 6 सप्ताह में पहली किस्त मिल सकती है।

Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है। स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। आवेदन से पहले seedfund.startupindia.gov.in पर जाकर ताजा जानकारी और पात्रता मापदंड जरूर देखें। सबसे पहले अपने स्टार्टअप को startupindia.gov.in पर पंजीकृत करवाएं और डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त करें। योजना में शामिल इनक्यूबेटर की सूची पोर्टल पर देखें और अपनी जरूरत के अनुसार चुनें।

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